rangreza...
मस्ती मुझे कुबूल जो तेरी नजर में है...
16 November 2011
बुढ़ापा-जवानी
ये दुनिया अजब सरायफानी है
यहां की हर चीज आनी-जानी है
जो आ के न जाए, वो बुढ़ापा है
जो जा के ना आए, वो जवानी है
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