rangreza...
मस्ती मुझे कुबूल जो तेरी नजर में है...
09 December 2011
जागरण
आंखे बंद किया हुआ हर आदमी सोया नहीं रहता और हर खुली आंख वाला व्यक्ति जागा हुआ नहीं होता।
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