rangreza...
मस्ती मुझे कुबूल जो तेरी नजर में है...
14 February 2012
सच्चा फकीर
हद में रहे सो औलिया, बेहद सो पीर
हद-बेहद के पार जो, वो ही सच्चा फकीर
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