rangreza...
मस्ती मुझे कुबूल जो तेरी नजर में है...
02 December 2012
गौरव
आगमन पर आपके
मन कंवल-सा खिल गया
कष्ट तो हुआ आपको
गौरव हमारा बढ़ गया
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